🔱 उत्तर भारत के शक्तिपीठ
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चिंतपूर्णी देवी मंदिर, हिमाचल प्रदेश
- गिरा अंग: चरण
- विशेषता: मन की चिंताओं का निवारण, मानसिक शांति
- देवी रूप: छिन्नमस्ता
- उपचार: मानसिक तनाव, भय, और चिंता से मुक्ति
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ज्वालामुखी मंदिर, हिमाचल प्रदेश
- गिरा अंग: जीभ
- विशेषता: अग्नि की ज्वालाओं के रूप में देवी का प्रकट होना
- उपचार: आत्मविश्वास में वृद्धि, वाणी दोषों का निवारण
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विषालाक्षी मंदिर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश
- गिरा अंग: कान
- विशेषता: सुनने और समझने की शक्ति में वृद्धि
- उपचार: श्रवण संबंधित समस्याओं का समाधान
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कात्यायनी मंदिर, मथुरा, उत्तर प्रदेश
- गिरा अंग: केश
- विशेषता: विवाह संबंधी समस्याओं का निवारण
- उपचार: वैवाहिक जीवन में सुख-शांति
🔱 पश्चिम भारत के शक्तिपीठ
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अवन्तिका देवी मंदिर, उज्जैन, मध्य प्रदेश
- गिरा अंग: ऊपरी होंठ
- विशेषता: वाणी में मधुरता और प्रभावशीलता
- उपचार: संचार कौशल में सुधार
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सप्तश्रृंगी देवी मंदिर, नासिक, महाराष्ट्र
- गिरा अंग: दाहिना हाथ
- विशेषता: कार्यों में सफलता और शक्ति
- उपचार: कार्य में अड़चनों का निवारण
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महाकाली मंदिर, पावागढ़, गुजरात
- गिरा अंग: दाहिना पैर
- विशेषता: जीवन में स्थिरता और संतुलन
- उपचार: अस्थिरता और अनिर्णय की स्थितियों का समाधान
🔱 दक्षिण भारत के शक्तिपीठ
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कामाख्या देवी मंदिर, गुवाहाटी, असम
- गिरा अंग: योनि
- विशेषता: सृजनात्मक शक्ति और प्रजनन क्षमता
- उपचार: संतान सुख की प्राप्ति, स्त्री रोगों का निवारण
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तारा तारिणी मंदिर, ब्रह्मपुर, ओडिशा
- गिरा अंग: स्तन
- विशेषता: मातृत्व और पोषण की शक्ति
- उपचार: मातृत्व सुख, शिशु स्वास्थ्य में सुधार
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चामुंडेश्वरी मंदिर, मैसूर, कर्नाटक
- गिरा अंग: केश
- विशेषता: शक्ति और साहस की प्राप्ति
- उपचार: भय और नकारात्मकता से मुक्ति
🔱 पूर्व भारत के शक्तिपीठ
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कालीघाट मंदिर, कोलकाता, पश्चिम बंगाल
- गिरा अंग: दाहिने पैर की उंगलियां
- विशेषता: नकारात्मक शक्तियों से सुरक्षा
- उपचार: बुरी नजर, काला जादू से मुक्ति
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तारापीठ मंदिर, बीरभूम, पश्चिम बंगाल
- गिरा अंग: नेत्र
- विशेषता: आध्यात्मिक दृष्टि और ज्ञान
- उपचार: मानसिक स्पष्टता, आध्यात्मिक उन्नति
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विमला देवी मंदिर, पुरी, ओडिशा
- गिरा अंग: पाद
- विशेषता: जीवन में स्थिरता और संतुलन
- उपचार: अस्थिरता और अनिर्णय की स्थितियों का समाधान
🔱 उत्तर-पूर्व भारत के शक्तिपीठ
- नर्तियांग देवी मंदिर, मेघालय
- गिरा अंग: बायां जांघ
- विशेषता: शक्ति और स्थिरता
- उपचार: जीवन में संतुलन और स्थिरता की प्राप्ति
🔱 विदेशों में स्थित शक्तिपीठ
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हिंगलाज माता मंदिर, बलूचिस्तान, पाकिस्तान
- गिरा अंग: ब्रह्मरंध्र (सिर का शीर्ष भाग)
- विशेषता: आध्यात्मिक जागृति
- उपचार: आध्यात्मिक उन्नति, ध्यान में सफलता
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मानसरोवर, तिब्बत
- गिरा अंग: दाहिना हाथ
- विशेषता: कार्यों में सफलता और शक्ति
- उपचार: कार्य में अड़चनों का निवारण
हर शक्तिपीठ किस राज्य में है और देवी सती का कौन-सा अंग वहाँ गिरा था।
प्रमुख शक्तिपीठ – स्थान, राज्य और अंग
- कामाख्या देवी – गुवाहाटी, असम – यहाँ देवी सती की योनि गिरी थी।
- विषालाक्षी देवी – वाराणसी, उत्तर प्रदेश – यहाँ कर्णफूल (कान की बाली) गिरी थी।
- ललिता देवी – प्रयागराज, उत्तर प्रदेश – यहाँ उंगलियाँ गिरी थीं।
- ज्वालामुखी देवी – कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश – यहाँ जीभ गिरी थी।
- चिंतपूर्णी देवी (छिन्नमस्ता) – ऊना, हिमाचल प्रदेश – यहाँ माथा गिरा था।
- नैना देवी – बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश – यहाँ आँखें गिरी थीं।
- गायत्री देवी – पुष्कर, राजस्थान – यहाँ कलाई (मनिबंध) गिरी थी।
- हिंगलाज माता – बलूचिस्तान (अब पाकिस्तान) – यहाँ सिर का भाग गिरा था।
- शारदा देवी – कश्मीर – यहाँ दाहिना हाथ गिरा था।
- कालिका देवी – कलकत्ता (कोलकाता), पश्चिम बंगाल – यहाँ दाहिना पैर का अंगूठा गिरा था।
- तारा देवी – तारापीठ, बीरभूम, पश्चिम बंगाल – यहाँ आँख की पुतली गिरी थी।
- बहुला देवी – कटवा, पश्चिम बंगाल – यहाँ बायाँ हाथ गिरा था।
- फूल्लरा देवी (अट्टहास) – लाबपुर, पश्चिम बंगाल – यहाँ होंठ गिरे थे।
- महिषमर्दिनी देवी (बकरेश्वर) – बीरभूम, पश्चिम बंगाल – यहाँ भौंहों के बीच का भाग गिरा था।
- नंदिनी देवी – सौराष्ट्र, गुजरात – यहाँ जाँघ गिरी थी।
- महालक्ष्मी देवी – कोल्हापुर, महाराष्ट्र – यहाँ आँख गिरी थी।
- सप्तश्रृंगी देवी – नासिक, महाराष्ट्र – यहाँ ठोड़ी गिरी थी।
- महामाया देवी (अमरनाथ) – जम्मू और कश्मीर – यहाँ गला गिरा था।
- विषालाक्षी देवी (मणिकर्णिका) – वाराणसी – यहाँ कान गिरे थे।
- कामाक्षी देवी – कांचीपुरम, तमिलनाडु – यहाँ पीठ गिरी थी।
उत्तर भारत
उत्तर प्रदेश ललिता देवी मंदिर, प्रयागराज:
शाकम्भरी देवी, सहारनपुर:
उत्तराखंड
सुरकंडा देवी, टिहरी गढ़वाल:
हिमाचल प्रदेश
ज्वालामुखी देवी, कांगड़ा:
चामुंडा देवी, कांगड़ा:
पंजाब
देवी तालाब मंदिर, जालंधर:
हरियाणा
देवीकूप, कुरुक्षेत्र:
पूर्वी भारत
पश्चिम बंगाल कालीघाट मंदिर, कोलकाता:
तारापीठ, बीरभूम:
बहुला, केतुग्राम:
वक्त्रेश्वर, सैंथिया:
नलहटी, नलहाटी:
अट्टहास, लाबपुर:
किरिट, बर्दवान:
विभाष, मिदनापुर:
युगाद्या, वर्धमान:
बिहार
पटनेश्वरी देवी, पटना:
मुण्डेश्वरी देवी, कैमूर:
झारखंड
वैद्यनाथ धाम, देवघर:
ओडिशा
विमला देवी, पुरी:
असम
कामाख्या देवी, गुवाहाटी:
मेघालय
जयंती देवी, जयंतिया हिल्स:
पश्चिम भारत
राजस्थान
विराट देवी, विराटनगर:
गुजरात
अम्बाजी मंदिर, बनासकांठा:
मध्य भारत
मध्य प्रदेश
हरसिद्धि माता, उज्जैन:
शोण शक्तिपीठ, अमरकंटक:
दक्षिण भारत
तमिलनाडु
कांची कामाक्षी, कांचीपुरम:
नारायणी शक्तिपीठ, मेलमपुर:
आंध्र प्रदेश
द्राक्षाराम, पूर्वी गोदावरी:
उत्तर-पूर्व भारत
त्रिपुरा
त्रिपुर सुंदरी, उदयपुर:
पड़ोसी देश
नेपाल
गुह्येश्वरी देवी, काठमांडू:
गण्डकी शक्तिपीठ, मुक्ति क्षेत्र:
बांग्लादेश
सुगंधा शक्तिपीठ, बरीसाल:
करतोया शक्तिपीठ, बोगुरा:
चट्टल शक्तिपीठ, चटगांव:
यशोर शक्तिपीठ, यशोर:
पाकिस्तान
हिंगलाज माता, बलूचिस्तान:
श्रीलंका
इन्द्राक्षी शक्तिपीठ, अनुराधापुर:
तिब्बत
मानस शक्तिपीठ, मानसरोवर:


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