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Sunday, 8 June 2025

माता सती का कोनसा अंग कहां गिरा था भारत के 51 शक्तिपीठों का रहस्य

 🔱 उत्तर भारत के शक्तिपीठ

  1. चिंतपूर्णी देवी मंदिर, हिमाचल प्रदेश

    • गिरा अंग: चरण
    • विशेषता: मन की चिंताओं का निवारण, मानसिक शांति
    • देवी रूप: छिन्नमस्ता
    • उपचार: मानसिक तनाव, भय, और चिंता से मुक्ति
  2. ज्वालामुखी मंदिर, हिमाचल प्रदेश

    • गिरा अंग: जीभ
    • विशेषता: अग्नि की ज्वालाओं के रूप में देवी का प्रकट होना
    • उपचार: आत्मविश्वास में वृद्धि, वाणी दोषों का निवारण
  3. विषालाक्षी मंदिर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश

    • गिरा अंग: कान
    • विशेषता: सुनने और समझने की शक्ति में वृद्धि
    • उपचार: श्रवण संबंधित समस्याओं का समाधान
  4. कात्यायनी मंदिर, मथुरा, उत्तर प्रदेश

    • गिरा अंग: केश
    • विशेषता: विवाह संबंधी समस्याओं का निवारण
    • उपचार: वैवाहिक जीवन में सुख-शांति
शक्तिपीठ सुदर्शन चक्र माता सती



🔱 पश्चिम भारत के शक्तिपीठ

  1. अवन्तिका देवी मंदिर, उज्जैन, मध्य प्रदेश

    • गिरा अंग: ऊपरी होंठ
    • विशेषता: वाणी में मधुरता और प्रभावशीलता
    • उपचार: संचार कौशल में सुधार
  2. सप्तश्रृंगी देवी मंदिर, नासिक, महाराष्ट्र

    • गिरा अंग: दाहिना हाथ
    • विशेषता: कार्यों में सफलता और शक्ति
    • उपचार: कार्य में अड़चनों का निवारण
  3. महाकाली मंदिर, पावागढ़, गुजरात

    • गिरा अंग: दाहिना पैर
    • विशेषता: जीवन में स्थिरता और संतुलन
    • उपचार: अस्थिरता और अनिर्णय की स्थितियों का समाधान

🔱 दक्षिण भारत के शक्तिपीठ

  1. कामाख्या देवी मंदिर, गुवाहाटी, असम

    • गिरा अंग: योनि
    • विशेषता: सृजनात्मक शक्ति और प्रजनन क्षमता
    • उपचार: संतान सुख की प्राप्ति, स्त्री रोगों का निवारण
  2. तारा तारिणी मंदिर, ब्रह्मपुर, ओडिशा

    • गिरा अंग: स्तन
    • विशेषता: मातृत्व और पोषण की शक्ति
    • उपचार: मातृत्व सुख, शिशु स्वास्थ्य में सुधार
  3. चामुंडेश्वरी मंदिर, मैसूर, कर्नाटक

    • गिरा अंग: केश
    • विशेषता: शक्ति और साहस की प्राप्ति
    • उपचार: भय और नकारात्मकता से मुक्ति

🔱 पूर्व भारत के शक्तिपीठ

  1. कालीघाट मंदिर, कोलकाता, पश्चिम बंगाल

    • गिरा अंग: दाहिने पैर की उंगलियां
    • विशेषता: नकारात्मक शक्तियों से सुरक्षा
    • उपचार: बुरी नजर, काला जादू से मुक्ति
  2. तारापीठ मंदिर, बीरभूम, पश्चिम बंगाल

    • गिरा अंग: नेत्र
    • विशेषता: आध्यात्मिक दृष्टि और ज्ञान
    • उपचार: मानसिक स्पष्टता, आध्यात्मिक उन्नति
  3. विमला देवी मंदिर, पुरी, ओडिशा

    • गिरा अंग: पाद
    • विशेषता: जीवन में स्थिरता और संतुलन
    • उपचार: अस्थिरता और अनिर्णय की स्थितियों का समाधान

🔱 उत्तर-पूर्व भारत के शक्तिपीठ

  1. नर्तियांग देवी मंदिर, मेघालय
    • गिरा अंग: बायां जांघ
    • विशेषता: शक्ति और स्थिरता
    • उपचार: जीवन में संतुलन और स्थिरता की प्राप्ति

🔱 विदेशों में स्थित शक्तिपीठ

  1. हिंगलाज माता मंदिर, बलूचिस्तान, पाकिस्तान

    • गिरा अंग: ब्रह्मरंध्र (सिर का शीर्ष भाग)
    • विशेषता: आध्यात्मिक जागृति
    • उपचार: आध्यात्मिक उन्नति, ध्यान में सफलता
  2. मानसरोवर, तिब्बत

    • गिरा अंग: दाहिना हाथ
    • विशेषता: कार्यों में सफलता और शक्ति
    • उपचार: कार्य में अड़चनों का निवारण

हर शक्तिपीठ  किस राज्य में है और देवी सती का कौन-सा अंग वहाँ गिरा था।


प्रमुख शक्तिपीठ – स्थान, राज्य और अंग

  1. कामाख्या देवी – गुवाहाटी, असम – यहाँ देवी सती की योनि गिरी थी।
  2. विषालाक्षी देवी – वाराणसी, उत्तर प्रदेश – यहाँ कर्णफूल (कान की बाली) गिरी थी।
  3. ललिता देवी – प्रयागराज, उत्तर प्रदेश – यहाँ उंगलियाँ गिरी थीं।
  4. ज्वालामुखी देवी – कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश – यहाँ जीभ गिरी थी।
  5. चिंतपूर्णी देवी (छिन्नमस्ता) – ऊना, हिमाचल प्रदेश – यहाँ माथा गिरा था।
  6. नैना देवी – बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश – यहाँ आँखें गिरी थीं।
  7. गायत्री देवी – पुष्कर, राजस्थान – यहाँ कलाई (मनिबंध) गिरी थी।
  8. हिंगलाज माता – बलूचिस्तान (अब पाकिस्तान) – यहाँ सिर का भाग गिरा था।
  9. शारदा देवी – कश्मीर – यहाँ दाहिना हाथ गिरा था।
  10. कालिका देवी – कलकत्ता (कोलकाता), पश्चिम बंगाल – यहाँ दाहिना पैर का अंगूठा गिरा था।
  11. तारा देवी – तारापीठ, बीरभूम, पश्चिम बंगाल – यहाँ आँख की पुतली गिरी थी।
  12. बहुला देवी – कटवा, पश्चिम बंगाल – यहाँ बायाँ हाथ गिरा था।
  13. फूल्लरा देवी (अट्टहास) – लाबपुर, पश्चिम बंगाल – यहाँ होंठ गिरे थे।
  14. महिषमर्दिनी देवी (बकरेश्वर) – बीरभूम, पश्चिम बंगाल – यहाँ भौंहों के बीच का भाग गिरा था।
  15. नंदिनी देवी – सौराष्ट्र, गुजरात – यहाँ जाँघ गिरी थी।
  16. महालक्ष्मी देवी – कोल्हापुर, महाराष्ट्र – यहाँ आँख गिरी थी।
  17. सप्तश्रृंगी देवी – नासिक, महाराष्ट्र – यहाँ ठोड़ी गिरी थी।
  18. महामाया देवी (अमरनाथ) – जम्मू और कश्मीर – यहाँ गला गिरा था।
  19. विषालाक्षी देवी (मणिकर्णिका) – वाराणसी – यहाँ कान गिरे थे।
  20. कामाक्षी देवी – कांचीपुरम, तमिलनाडु – यहाँ पीठ गिरी थी।

उत्तर भारत

उत्तर प्रदेश ललिता देवी मंदिर, प्रयागराज: 

शाकम्भरी देवी, सहारनपुर:  

उत्तराखंड

सुरकंडा देवी, टिहरी गढ़वाल:  

हिमाचल प्रदेश

ज्वालामुखी देवी, कांगड़ा: 

चामुंडा देवी, कांगड़ा:  

पंजाब

देवी तालाब मंदिर, जालंधर:  

हरियाणा

देवीकूप, कुरुक्षेत्र:  

पूर्वी भारत

पश्चिम बंगाल कालीघाट मंदिर, कोलकाता: 

तारापीठ, बीरभूम: 

बहुला, केतुग्राम: 

वक्त्रेश्वर, सैंथिया: 

नलहटी, नलहाटी: 

अट्टहास, लाबपुर: 

किरिट, बर्दवान: 

विभाष, मिदनापुर: 

युगाद्या, वर्धमान:  

बिहार

पटनेश्वरी देवी, पटना: 

मुण्डेश्वरी देवी, कैमूर:  

झारखंड

वैद्यनाथ धाम, देवघर:  

ओडिशा

विमला देवी, पुरी:  

असम

कामाख्या देवी, गुवाहाटी:  

मेघालय

जयंती देवी, जयंतिया हिल्स:  

पश्चिम भारत

राजस्थान

विराट देवी, विराटनगर:  

गुजरात

अम्बाजी मंदिर, बनासकांठा:  

मध्य भारत

मध्य प्रदेश

हरसिद्धि माता, उज्जैन: 

शोण शक्तिपीठ, अमरकंटक:  

दक्षिण भारत

तमिलनाडु

कांची कामाक्षी, कांचीपुरम: 

नारायणी शक्तिपीठ, मेलमपुर:  

आंध्र प्रदेश

द्राक्षाराम, पूर्वी गोदावरी:  

उत्तर-पूर्व भारत

त्रिपुरा

त्रिपुर सुंदरी, उदयपुर:  

पड़ोसी देश

नेपाल

गुह्येश्वरी देवी, काठमांडू: 

गण्डकी शक्तिपीठ, मुक्ति क्षेत्र:  

बांग्लादेश

सुगंधा शक्तिपीठ, बरीसाल: 

करतोया शक्तिपीठ, बोगुरा: 

चट्टल शक्तिपीठ, चटगांव: 

यशोर शक्तिपीठ, यशोर:  

पाकिस्तान

हिंगलाज माता, बलूचिस्तान:  

श्रीलंका

इन्द्राक्षी शक्तिपीठ, अनुराधापुर:  

तिब्बत

मानस शक्तिपीठ, मानसरोवर:  




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